एक असफल कैंडिडेट का सफल UPSC इंटरव्यू (भाग 4)
(अब इंटरव्यू की कमान मेरे बाई ओर बैठे एक सर के पास आ चुकी थी, मतलब मेंबर 4 के पास)
मेंबर 4: आपने NET भी क्वालीफाई किया हुआ है. तो आपको क्या लगता है कि हायर स्टडीज में भारत की शिक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाने की जरूरत है?
मैं: सर, सबसे पहले तो हमको हायर एजुकेशन में एनरोलमेंट रेट को बढ़ाने पर ध्यान देना होगा और साथ ही टीचर स्टूडेंट रेशो को भी वैश्विक मानकों के हिसाब से अपनाना होगा. इसके अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने की जरूरत है ताकि शोध कार्य में छात्रों की रुचि जाग सके. हमें ध्यान देना होगा कि भारत में पी एच डी करने वालों की संख्या चीन जैसे देशों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत ही है, जो कि चिंताजनक है. उच्च शिक्षा भी तभी बेहतर हो सकेगी जब स्कूली शिक्षा बेहतर होगी क्योंकि मैं दोनों को अलग न मानकर एक दूसरे से संबद्ध मानता हूं. एक सुझाव और है मेरा कि विषयों की चुनाव में भारत में बहुत कंजरवेटिव तरीका अपनाया जाता है कि यदि आपने कोई निश्चित विषय लिया है, तभी आप कुछ विषयों में पढ़ सकते हैं जबकि यह बात हमको छात्र की रुचि और अभिरुचि पर छोड़ देनी चाहिए, मतलब यदि कोई छात्र फिजिक्स के साथ दर्शनशास्त्र भी पढ़ना चाह रहा है तो उसे क्यों ही रोका जाए. विषय चुनने में छात्रों को स्वतंत्रता मिलनी चाहिए. (कमाल यह है कि नई शिक्षा नीति में अब ऐसा कर दिया गया है, हालांकि अभी इसे लागू होने में समय लगेगा)
मेंबर 4: आपने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की है, तो इसका अपने जीवन में कोई प्रभाव बताइए?
मैं: सर, यूनिवर्सिटी में जाने से पहले मेरे मन में मुस्लिम समाज के प्रति कई प्रेजयूडिस थे, लेकिन यूनिवर्सिटी में जाकर समझा कि किसी भी समाज के लिए शिक्षा मूलभूत तत्व है, यदि किसी समाज का शिक्षा स्तर बेहतर होगा तो उनमें आपसी विभेद भी नहीं रहेगा. मेरे लगभग सभी पूर्वग्रह वहां जाने से टूट गए. अलीगढ़ यूनिवर्सिटी ने मेरे भीतर के सेकुलर स्ट्रक्चर को बहुत मजबूत बनाया है.
(मेंबर 4 मेरे जवाबों से संतुष्ट दिखे, इसके बाद उन्होंने बॉटनी से कोई दो सीधे प्रश्न पूछे थे, जो अभी मेरी स्मृति से गायब हो चुके हैं, लेकिन इतना याद है कि एक प्रश्न का जवाब दे दिया था, जबकि दूसरे पर जवाब न आने के कारण सॉरी बोल दिया था)
(अब गेंद, अंतिम मेंबर मतलब मेंबर 5 जो कि चेयरमैन साहब के बाईं तरफ बैठे थे, उनके पास चली गई)
मेंबर 5 : (मेंबर 5 ने पहला प्रश्न अंग्रेजी में पूछा जो कि मैं उनके एक्सेंट की वजह से ठीक से समझ नहीं पाया)
मैं: Sir, could you please repeat the question.
मेंबर 5: उनको लगा मैं इंग्लिश की वजह से समझ नहीं पाया तो उन्होंने चेयरमैन सर से कहा - can you translate this question to him?
चेयरमैन: (मेरी ओर प्रश्नवाचक निगाह से) आलोक आपको प्रश्न समझने में दिक्कत हो रही है?
मैं: नहीं सर मुझे इंग्लिश से दिक्कत नहीं है, मैं सिर्फ प्रश्न सुन नहीं पाया हूं.
चेयरमैन: (मेंबर 5 से) एक बार फिर से आप प्रश्न इन्हें दोहरा दीजिए.
मेंबर 5: (वो फिर से बोले और इस बार बस इतना समझ आया कि प्रश्न एग्रीकल्चर का है. बहुत ध्यान से सुना लेकिन न जाने कैसे इस दफा भी समझ नहीं पाया)
मैं: (अब अगर दुबारा रिपीट करने को बोलता तो अजीब लगता और शायद मुझे समझ भी इसीलिए नहीं आ रहा था कि वो जो टर्म यूज कर रहे थे प्रश्न में, वो मुझे नहीं ही आती थी) ऐसे में मैंने रिस्क लिए बिना बोला- सॉरी सर, इसका जवाब मुझे नहीं आता है.
मेंबर 5: आप टैरिफ वार के बारे में कुछ जानते हैं? भारत की इसमें क्या भूमिका रह सकती है?
मैं: (मन ही मन मुझे फीलिंग आई - 'वो मारा पापड़ वाले को' 😂, यह तो पिछले हफ्ते ही करेंट अफेयर्स में पढ़ा है) सर, टैरिफ वार फिलहाल यू एस ए और चाइना के बीच चल रही है, जिसमें यू एस ए ने चीन के आयात पर 15 प्रतिशत का अतिरिक्त आयात टैरिफ लगा दिया है. यह स्थिति भारत के लिए एक अवसर बनकर आई है क्योंकि चीन द्वारा सप्लाई किए जाने वाले कई प्रमुख उत्पाद जैसे कि सोयाबीन इत्यादि को अब भारत अमेरिका को सप्लाई कर सकेगा जिससे भारत के ट्रेड डेफिसिट में भी कमी आयेगी.
मेंबर 5: आलोक आपकी पहली तीन सर्विस प्रिफरेंस क्या हैं?
मैं: सर IAS, IFS, IRS
मेंबर 5: ठीक मेरी तरफ से कंपलीट.
चेयरमैन: ठीक है आलोक, आपका इंटरव्यू हो गया, अब आप जा सकते हैं.
मैं: धन्यवाद सर, धन्यवाद मैम……(और कुर्सी से उठते हुए लगा कि बस इस दफा लिस्ट में नाम पक्का है, पूरे जोश और उमंग के साथ कमरे से बाहर आया)
इंटरव्यू समय सीमा: लगभग 35 से 40 मिनट
इंटरव्यू मार्क्स: 174
परिणाम: एक असफल कैंडिडेट का सफल इंटरव्यू😁😁😁
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